*मझवार जाति को अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र दिलाये जाने के लिए सौंपा पत्रक*
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मिर्जापुर: 11फरवरी 25 *मझवार जाति को अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र दिलाये जाने के लिए सौंपा पत्रक*
आज मझवार जाति के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कहा कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जातियों की सूची कमांक 51 पर मझवार अंकित है तथा भारत के संविधान में भारत सरकार द्वारा पारित अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ आदेश (संशोधन) अधिनियम 1976 के सूची में क्रमांक 53 पर मझवार अनुसूचित जाति की श्रेणी में दर्ज है, डिवीजन आफ डिस्क्ट्रिक्टवाइज पापुलेशन आफ मझवार कम्पयुनिटी आफ यू०पी० स्टेट एकार्डिंग टू सेन्सस रिपोर्ट 1961 वैल्यूम 15 (स्पेशल टेबल फार सेड्यूल कास्ट) में कमांक 54 पर जनपद मीरजापुर में मझवार की कुल जनसंख्या 17389 अंकित है, जिसमें 8732 पुरूष व 8657 महिला अंकित है। 1961 के पश्चात् से आज तक 64 वर्ष के बाद जनपद मीरजापुर में मझवार की कोई गिनती नहीं की गयी। जबकि इस 64 वर्ष में जनसंख्या की वृद्धि के अनुपात में देखा जाय तो जनपद मीरजापुर में सन् 1961 में मझवार की संख्या 17389 थी तो इस समय वह संख्या लाखों में होनी चाहिए परन्तु शासन प्रशासन के मझवार के प्रति उपेक्षापूर्ण नीति के तहत कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज भी जनपद मीरजापुर के लाखों मझवार दयनीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। शासन द्वारा मझवारों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। मझवार लोगों को यह कहते हुये अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है कि मछुआ निषाद / केवट / बिन्द समुदाय से हैं। संविधान में मझवार को अनुसूचित जाति का दर्जा मिलने व सन् 1961 में जनपद वार गणना कराने पर मझवार जाति की जनसंख्या 17389 होने के बाद भी जनपद मीरजापुर में मझवार को अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है। जिससे मझवार जाति के लोग संविधान द्वारा प्रदत्त अनुसूचित जाति के आरक्षण से वंचित हो रहे हैं और मझवार के बच्चे नौकरी व राजनीतिक व चुनाव कहीं भी अनुसूचित जाति का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। प्रार्थी व अन्य कई मझवार द्वारा शासन, प्रशासन, तहसीलदार, जिलाधिकारी से पूछे जाने पर कि जबकि 1961 की जनगणना के समय जनपद मीरजापुर में 17389 मझवार थे तो उनका व उनके बाल बच्चों का जाति प्रमाण पत्र क्यों नहीं बना रहे हैं। इस पर कोई भी अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहा है। शासन के उपेक्षा के चलते जनपद मीरजापुर में मझवार का परिवार संविधान के तहत अनुसूचित जाति में होते हुये भी आरक्षण का लाभ नहीं पा रहा है। और आज भी टूटे फूटे मकान/झोपड़ी व बदहाल स्थिति में जीवन जी रहा है।
*देखिए मिर्जापुर संवाददाता आशीष कुमार गुप्ता कि रिपोर्ट*
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