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*विकास कार्य मे हुई भ्रस्टाचार ग्राम पंचायत मथनिया का डीपीआरओ ने किया निरीक्षण*

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*विकास कार्य मे हुई भ्रस्टाचार ग्राम पंचायत मथनिया का डीपीआरओ ने किया निरीक्षण*

 

 

 

 

ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सेवक ग्राम प्रधान को दी सक्त निर्देश और कार्यवाई।

ईंट, स्टेशनरी, हैंडपंप, टेंडर और इंटरलॉकिंग जैसे कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताएं, बिना CPU के कंप्यूटर पर खर्च दिखाया गया

 

बागापार (महराजगंज) विकास खंड सिसवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मथनिया में सरकारी धन के दुरुपयोग और व्यापक वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामवासी उमाशंकर प्रसाद की लिखित शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया मिश्रा ने 17 अप्रैल 2025 को गांव में स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें अधिकांश आरोप सही पाए गए।शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र के साथ विस्तार से बताया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा एक अपंजीकृत फर्म शांति इंटरप्राइजेज को ईंट सप्लाई के नाम पर ₹46,782 का भुगतान किया गया, जबकि फर्म के पास कोई वैध निर्माण सामग्री लाइसेंस नहीं है। यही नहीं, हैंडपंप रिबोर कार्य को लेकर भी दो अलग-अलग फर्मों के नाम पर भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।निरीक्षण में यह भी पाया गया कि पंचायत भवन में कंप्यूटर का CPU ही मौजूद नहीं था, बावजूद इसके कंप्यूटर कॉर्टेज और पेपर पर फर्जी भुगतान दर्शाया गया। प्रिंटर पिछले दो वर्षों से खराब पड़ा था, फिर भी उसकी सामग्री की खरीद दिखाई गई। इतना ही नहीं, फाइबर की दुकान से भूसा जैसी असंगत सामग्री की खरीद को भी प्रशासनिक मद में दर्शाया गया।केवल तीन महीनों में प्रशासनिक मद में करीब ₹1लाख से अधिक की राशि फर्जी बिलों के जरिए खर्च दिखाई गई, जो स्पष्ट रूप से वित्तीय नियमों के उल्लंघन को दर्शाता है। टेंडर प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिनमें मनमाने ढंग से कार्य वितरण किया गया।इंटरलॉकिंग कार्य में भी घोटाला उजागर हुआ, जहां रेत के स्थान पर खेत की मिट्टी का प्रयोग किया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।डीपीआरओ द्वारा की गई इस जांच के बाद ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदेह के घेरे में है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब जल्द ही उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 

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